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sorts of alopecia hair loss in women and men

बालों के झड़ने के अब तक 40 से अधिक प्रकार ज्ञात हुए हैं – उनमें से कुछ बहुत ही आम हैं, जबकि कुछ अन्य काफ़ी कम नज़र आते हैं। आपकी समस्या के प्रकार का पता लगाने से आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि उपचार से आपकी बाल झड़ने की समस्या पर कैसा असर दिखेगा। बाल झड़ने के कुछ आम प्रकारों की चर्चा यहां की जा रही है।

एंड्रोजेनेटिक ऐलोपेसिया – बाल झड़ने का यह प्रकार पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित कर सकता है| यह डाइहाइड्रोटेस्टोंस्टेरोन हार्मोन की वजह से होता है। यह बालों के झड़ने के सभी मामलों में लगभग 95% के लिए जिम्मेदार है।

एंड्रोजेनेटिक ऐलोपेसिया आनुवंशिक है और इसे निम्नानुसार वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • पुरुषों में गंजेपन का पैटर्न — इसकी पहचान कनपटी पर बाल कम होने और सिर के मध्य में गंजापन दिखाई देने से होती है।
  • महिलाओं के गंजेपन का पैटर्न — इसकी पहचान बालों के झड़ने और माँग चौड़ी होने के साथ-साथ बालों की सघनता और मात्रा में कमी से होती है।

इनवॉल्यूशन ऐलोपेसिया — उम्र बढ़ने के साथ, बालों के फॉलिकल्स अधिक संख्या में विराम अवस्था में जाने लगते हैं। इससे धीरे-धीरे बाल पतले होने लगते हैं, जिसे इनवॉल्यूशन् ऐलोपेसिया के नाम से जाना जाता है।

टेलोजेन एफ़्लूवियम — टेलोजेन एफ़्लूवियम वह स्थिति है जिसके कारण बाल पतले होते चले जाते हैं और पूरी खोपड़ी के बाल झड़ जाते हैं। बाल झड़ने की वजह कई बार कुछ तनाव या ऐसे कारण होते हैं जो बालों को असमय पका देते हैं और उसके बाद वे झड़ने लगते हैं। शुरुआती तनाव के बाद कई बार इसका असर तीन से छः महीने में दिखने लगता है। यह तनाव किसी भी वजह से हो सकता है जैसे बच्चे का जन्म, अचानक वज़न कम करना, मुँह से ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन प्रारंभ करना या रोकना, मलेरिया, टायफ़ाइड आदि।

मरीज़ कई बार शिकायत करता है कि बालों को धोने या बालों में कंघी करने पर बालों के गुच्छे के गुच्छे गिरते हैं।

एनाजेन एफ़्लूवियम — एनाजेन एफ़्लूवियम वह स्थिति है जिसमें बड़े पैमाने पर अचानक बालों का गिरना शुरू हो जाता है। इसे एनाजेन एफ़्लूवियम इसलिए कहते हैं क्योंकि बाल सीधे अपनी विकास अवस्था में ही गिरने लगते हैं। आम तौर पर, खोपड़ी के लगभग 85% बाल कभी भी गिर सकते हैं। बालों का विकास अवस्था में गिरना बहुत गंभीर है। इस वजह से खोपड़ी के अधिकांश या सारे बाल झड़ जाते हैं। एनाजेन एफ़्लूवियम को ख़ासकर कैंसर के मरीज़ों को दिए जाने वाले रेडियेशन या कीमोथैरेपी के दुष्प्रभाव के रूप में देखा जाता है।

दवा लेने के कारण बालों का झड़ना — इस तरह से बालों का झड़ना कुछ दवाइयों के दुष्प्रभाव की वजह से होता है। इस तरह की कुछ आम दवाएं अर्थात कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं, रक्त को पतला करने वाली दवाएं, मुँह से ली जाने वाली गर्भ निरोधक गोलियां, गठिया के इलाज की दवाएं आदि हैं। आपके चिकित्सक के लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि आपके बालों के झड़ने की वजह कुछ दवाएं हैं ताकि तदनुसार इसका इलाज किया जा सके।

एलोपेशिया ऐरियाटा — एलोपेशिया ऐरियाटा एक ऑटोइम्यून रोग है जिसमें अचानक, बीच-बीच में से बाल झड़ जाते हैं। एलोपेशिया ऐरियाटा की शुरुआत अचानक हो सकती है और फिर तेज़ी से बाल झड़ने लगते हैं।

यह स्थिति थॉयराइड हार्मोन के असंतुलन या अचानक और अत्यधिक तनाव की वजह से भी होती है। पूरी खोपड़ी के बाल गिरने लगते हैं (एलोपेशिया टोटेलिस) या पूरे शरीर के बाल (एलोपेशिया युनिवर्सलिस) कम होने लगते हैं। यह अवस्था अलग-अलग स्थितियों में अलग-अलग होती है और अक्सर जहां से बाल गए थे वहां आ जाते हैं, लेकिन नई जगह से तब भी बाल झड़ते रहते हैं।

ट्रैक्शन एलोपेसिया — बालों को खींचने या ट्रैक्शन देने की वजह से ट्रैक्शन ऐलोपेसिया होता है। यह किसी ख़ास हेयरस्टाइल की वजह से भी हो सकता है जिसमें बालों की जड़ों में खिंचाव होता है जैसे बालों की कसकर चोटी या जूड़ा बनाने या बालों में ग़लत तरीके से क्लिप, टाइट रबड़ बैंड आदि लगाने से भी बाल टूटते हैं।

ट्राइकोटिलोमेनिया — ट्राइकोटिलोमेनिया एक तरह की मनोवैज्ञानिक बीमारी है जो ख़ास तौर पर बच्चों में दिखती है, जिसकी वजह से वे अपने ही बाल खींचने लगते हैं जिससे बाल टूट जाते हैं।

बाल झड़ने के अन्य कारण इस प्रकार हैं:

  • संक्रमण होने के कारण — सिफ़िलिटिक एलोपेसिया (सिस्टेमिक सिफ़िलिस के कारण होता है), टिनिया कैपिटिस (खोपड़ी पर किसी स्थान पर फंगल संक्रमण); और
  • साधारण एट्रिकिया के कारण — यह एक अप्रभावी बालहीन जीन (गुणसूत्र) की उपस्थिति से होता है; यह बालों के झड़ने की अत्यंत असाधारण प्रवृत्ति है।