English
Urdu

Sex Education

सेक्स का सही ज्ञान उतना ही जरूरी है, जितना कि दूसरे विषयों का ज्ञान। हमारे देश में मेडिकल कॉलेज तक में सेक्स एजुकेशन नहीं दिया जाता, जिसके परिणामस्वरूप सेक्स संबंधी अंधविश्वास, भ्रांतियां और इससे जुड़ी कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

यदि सही उम्र में यौन शिक्षा दी जाए तो किशोर मातृत्व, अनचाहे गर्भ, यौन अपराध, गुप्त रोग तथा एड्‍स जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारियों से बचा जा सकता है। साथ ही सेक्स संबंधी समस्याएं जैसे- हस्तमैथुन से उत्पन्न अपराधबोध, नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु रोग और लिंग के आकार को लेकर विभिन्न भ्रांतियों से भी आसानी से मुक्त हुआ जा सकता है।

क्या सेक्स एजुकेशन से लड़के-लड़कियों में प्रयोग करने की प्रवृत्ति नहीं बढ़ेंगी? इस सवाल पर वे कहते हैं कि यह एक भ्रम है। अपने जवाब के पक्ष में तर्क देते हुए नवाल कहते हैं कि स्वीडन, नार्वे तथा अन्य देशों का रिकॉर्ड बताता है कि यौन शिक्षा के बाद सेक्स संबंधी प्रयोग करते की रुच‍ि कम होती है और सही जानकारी से उनकी वे सभी जिज्ञासाएं शांत हो जाती हैं, जिनकी पूर्ति के लिए वे प्रयोग करते हैं अथवा करना चाहते हैं। इतना ही नहीं जिन देशों में यौन शिक्षा दी गई वहां सेक्स से जुड़े अपराधों में भी कमी आई।

बढ़ते बलात्कार और सेक्स संबंधी अपराधों के संबंध में उन्होंने कहा कि सेक्स में असंतुष्ट व्यक्ति गलत तरीके से संतुष्टि हासिल करने के लिए इस तरह की क्रियाएं करता है। इसके लिए अन्य कारण गिनाते हुए डॉ. नवाल ने कहा कि नैतिकता का पतन, नशाखोरी की प्रवृत्ति, अश्लील साहित्य, पोर्न मूवी देखकर भी व्यक्ति यौन अपराध करता है। हस्तमैथुन के प्रति अपराधबोध भी इसका एक कारण है।

सेक्स क्षमता में कमी पुरुषों में आम समस्या बन चुकी है। इसके कारण पुरुष सेक्स में रुचि नहीं ले पाते हैं। चाहकर भी वह अपने पार्टनर को खुश करने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखा पाते हैं। इस का सबसे बड़ा कारण होता है, सेक्स हॉरमोन टेस्टोस्टेरोन की कमी। यह ज्यादातर 40 साल के पुरुषों में देखने मिलता है। इसका कारण होता है रक्त में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा में कमी, जो की इस उम्र में होना आम बात है। खुद को इस समस्या से दूर रखने के लिए आप उन चीजों का सेवन करें जिससे सेक्स पावर बढ़ती हैं।

हार्मोन में हुए बदलाव के कारण अक्सर देखा जाता है की पुरुषों में सेक्स की समस्या सामने आने लगती है। मगर आज कल यह समस्या कम उम्र के पुरुषों मिल रहा है। पुरुषों में ज्यादा तनाव देखा जा रहा है जिसके कारण वह डाइबिटीज के बीमारी के शिकार बनते जा रहा हैं। वहीं रक्त में टेस्टोस्टेरोन की कमी से शरीर में थकान, दिमागी परिवर्तन, अनिद्रा के साथ ही सेक्स की चाहत में कमी हो जाती है।

आज कल पुरुषों में यह बहुत ज्यादा देखने मिलता है की भले महिला साथी की कामोत्तेजना शांत न भी हो मगर पुरुष सेक्स क्रिया के दौरान पुरुष स्खलन होने के साथ ही पुरुष की उत्तेजना शांत हो जाती है। पुरुषों में होने वाली इस समस्या को शीघ्रपतन भी कहा जाता है।