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अदरक से डायबिटीज पर काबू

शूगर यानि डायबिटीज, मधुमेह जिंदगी भर का रोग है। इसे काबू में तो रखा जा सकता है लेकिन मेडिकल साइंस में अब तक ऐसी कोई दवा नहीं बनी जो इससे पूरी तरह छुटकारा दिला सके। गोलियाँ, इंजेक्शन और नियमित लाइफस्टाइल ही इस रोग पर काबू पाने का बेहतरीन उपाय माना जाता है।

हाल ही में हुए शोधों के अनुसार अदरक ऐसी औषधि है, जिससे न केवल डायबिटीज को काबू किया सकता है बल्कि इससे कई अन्य रोगों से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

डायबिटीज में कोशिकाएँ शरीर में बनने वाली शर्करा को अवशोषित नहीं कर पाती। सिडनी यूनिवर्सिटी ने एक शोध में पाया कि अदरक शरीर में शर्करा अवशोषित करने में मदद करती है। यह शोध चूहों पर सफल रहा है। अगर इंसानों पर भी यह कामयाब रहा तो डायबिटीज के मरीजों की इंसुलिन पर निर्भरता काफी कम हो सकती है।

डायबिटीज के रोगियों के साथ एक बड़ा खतरा आँखों की रोशनी खोने का भी होता है। ऐसे रोगी मोतियाबिंद के शिकार हो जाते हैं और धीरे-धीरे उनकी आँखों की रोशनी भी जा सकती है। एक शोध के मुताबिक अदरक का अर्क न सिर्फ मोतियाबिंद होने से रोकता है बल्कि इससे पीड़ित रोगियों में यह रोग बढ़ने की गति को भी कम कर देता है।

डाइटीशियन डॉ. अनामिका सेठी के अनुसार अदरक की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे दवा की तरह कम मात्रा में ही लें। बदलते मौसम में यह सुरक्षा कवच का काम करती है और हमें सर्दी-जुकाम से बचाती है। आप इसके रस को शहद के साथ ले सकते हैं या चाय व सब्जी में भी इसका प्रयोग कर सकते हैं।

ताजी अदरक को पीसकर और इसमें थोड़ा कपूर मिलाकर सूजन व दर्द वाले अंगों पर लगाने से काफी आराम मिलता है। शरीर के किसी हिस्से पर चोट लगने पर अदरक का लेप लगाएँ। जब लेप सूख जाए तो इसे साफ करके गुनगुने सरसों के तेल से मालिश करें। इसे एक-दो बार किया जाए तो मोच के दर्द में आराम मिलता है।

अदरक के छोटे टुकड़े को दांतों के बीच में दबाकर रखने से दांत दर्द खत्म हो जाता है। दो चम्मच सौंफ और 5 ग्राम अदरक एक गिलास पानी में डालकर इतना उबालें कि एक चौथाई पानी रह जाए। दिन में 3-4 बार लेने से दस्त में राहत मिलती है। अदरक के प्रयोग से गैस और कब्ज में भी आराम मिलता है। यदि आपको अदरक खाने के बाद उल्टी, शरीर पर चकत्ते या पेट में गड़बड़ हो तो इसे ना खाएं क्योंकि हो सकता है कि आपको अदरक से एलर्जी हो। इस संबंध में डॉक्टरी सलाह जरूर लें।