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sex gave satisfaction

सेक्स के लिए 2 ऐसे पार्ट्नर होने ज़रूरी है जो एक दूसरे से भावनात्मक और मानसिक रूप से जुड़े हो क्योंकि मन के मैल के बिना शारीरिक संबंधो का मैल बैमानी होता है। अक्सर सेक्स के दौरान पुरुषो को केवल अपनी फ़िक्र होती है। वो केवल अपनी खुशी और ऑर्गॅज़म के बारे में विचार करते है। लेकिन, सेक्स के दौरान अपनी साथी की फ़िक्र ना करना आपके लिए अच्छा नही है।

आपको चाहिए की आप सेक्स जीवन को रोमांचक बनाने और उसके नयापन लाने लिए कमरे से बाहर निकले। यहाँ पुरुषो को मिलेगी वो जानकारी जिससे वो अपनी साथी को सेक्स का पूरा आनंद दे पाएगे।

जल्दबाज़ी ना करे

अगर आप सेक्स के दौरान बहुत जल्दबाज़ी में रहते है, तो आपकी साथी पूरी तरह असंतुष्ट रह जाती है। महिलाओ की कमच्छा बढ़ने में काफ़ी समय लगता है, ऐसे में आपको फॉरपले और अन्य शारीरिक क्रियाकलापो से उन्हे उस लेवल तक लाना चाहिए, जहा से वो सेक्स का पूरा आनंद उठा पाए। इससे आप दोनो अधिक लंबे समय तक सेक्स का आनंद उठा पाएगे।

आराम करे

सेक्स के दौरान बीच-बीच में आराम करना ज़रूरी है। आराम का अर्थ यह नही की आप सो जाए, इसका अर्थ यह है की आपको मालूम होना चाहिए की कब आपको अपनी सांसो की गति और शारीरिक क्रिया पर नियंत्रण करने की आवशयक्ता है। ऐसा करने से ना केवल सेक्स सेक्षन की अवधि बढ़ती है। बल्कि रोमॅन्स भी कायम रहता है।

रोज़ाना वही-वही

सेक्स रोमांच और रोमॅन्स का नाम है। अगर आप अपने साथी को खुश करना चाहते है, तो नएपन के लिए तैयार रहे। आपकी साथी यह बिल्कुल नही चाहती की सेक्स कार्बन छाप टाइप हो जाए। ज़रूरी है की आप सेक्स के दौरान कुछ ईसा करे की वा शॉक हो जाए। याद रखिए आपको अपने साथी को चोकाना है, डरना नही।

मशीन सेक्स

सेक्स का असली आनंद तब आता है जब उसमें दोनो साथियो की बराबरी की भागीदारी हो। सेक्स मशीन की तरह नही किया जाना चाहिए की जिसमें एक प्रोग्राम फीड कर दिया गया हो। यह मानवीया होना चाहिए, जिसमें एक दूसरे का सहयोग और साथ दिया जाए, ताकि दोनो इसका पूरा आनंद उठा पाए।

करे वही जो वो कहे

यह जानने के प्रयास करे की आपकी साथी को बिस्तर पर क्या पसंद है। यदि वो फॉरपले का अधिक आनंद उठती है, तो आपको उसमें अधिक समय देना चाहिए। इसके साथ ही यदि उसे कुछ खास करना पसंद है या आपकी किसी अन्या विशेष क्रिया वह लुभाती है, तो बिना शर्म किए वो आपको करनी चाहिए।

इशारो को समझे

आपको इशारो को समझने की कला का ज्ञान होना चाहिए। देखिए और जानने की कोशिश कीजिए की आपकी साथी क्या चाहती है। दरअसल यह संभव है की आपकी साथी सीधे तौर पर आपको इस बारे में नही कहे, आपको ही उनके मन की और इशारो की भाषा समझनी होगी। आपको समझना होगा की आपकी साथी आपसे कब क्या चाहती है।