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conclusion of hyperthyroidism symptoms

थायराइड मानव शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है। थायरायड ग्रंथि गर्दन मे श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यन्त्र के दोनों ओर दो भागों में बनी होती है। इसका आकार तितली जैसा होता है। यह थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है। जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नही चल पाता, क्योंकि गर्दन में छोटी सी गांठ सामान्य ही मान ली जाती है। जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है। इसलिए हमें थायराइड के प्रारंभिक लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए। आइये जानते हैं कि आखिर इस बीमारी के लक्षण क्या हैं।

थायराइड के प्रारंभिक लक्षण

  • कब्ज – थाइराइड होने पर कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है। खाना पचाने में दिक्कत होती है। साथ ही खाना आसानी से गले से नीचे नहीं उतरता। शरीर के वजन पर भी असर पड़ता है।
  • हाथ-पैर ठंडे रहना – थाइराइड होने पर आदमी के हाथ पैर हमेशा ठंडे रहते है। मानव शरीर का तापमान सामान्य यानी 98.4 डिग्री फॉरनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) होता है, लेकिन फिर भी उसका शरीर और हाथ-पैर ठंडे रहते हैं।
  • प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना – थाइराइड होने पर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम़जोर हो जाती है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने के चलते उसे कई बीमारियां लगी रहती हैं।
  • थकान – थाइराइड के लक्षण में जल्द थकान होना भी शामिल है। उसका शरीर सुस्त रहता है। वह आलसी हो जाता है और शरीर की ऊर्जा समाप्त होने लगती है।
  • त्वचा का सूखना या ड्राई होना– थाइराइड से ग्रस्त व्यक्ति की त्वचा सूखने लगती है। त्वचा में रूखापन आ जाता है। त्वचा के ऊपरी हिस्से के सेल्स की क्षति होने लगती है जिसकी वजह से त्वचा रूखी-रूखी हो जाती है।
  • जुकाम होना – थाइराइड होने पर आदमी को जुकाम होने लगता है। यह नार्मल जुकाम से अलग होता है और ठीक नहीं होता है।
  • डिप्रेशन- थाइराइड की समस्या होने पर आदमी हमेशा डिप्रेशन में रहने लगता है। उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता है, दिमाग की सोचने और समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है। याद्दाश्त भी कमजोर हो जाती है।
  • बाल झड़ना- थाइराइड होने पर आदमी के बाल झड़ने लगते हैं तथा गंजापन होने लगता है। साथ ही साथ उसके भौहों के बाल भी झड़ने लगते है।
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और साथ ही साथ कमजोरी का होना भी थायराइड की समस्या के लक्षण हो सकते है।
  • परिवार का इतिहास- यदि आप के परिवार में किसी को थायराइड की समस्या है तो आपको थायराइड होने की संभावना ज्यादा रहती है।
  • शारीरिक व मानसिक विकास- थाइराइड की समस्या होने पर शारीरिक व मानसिक विकास धीमा हो जाता है।

कारण

हाइपरथाइरोइडिज़्म के कई कारण हैं, जिनमें

  • आयोडीन का अत्यधिक सेवन
  • ग्रेव्स डिजीज (हाइपरथाइरोइडिज़्म के अधिकतर मामलों के लिए जिम्मेदार)
  • वायरस संक्रमण या अन्य कारणों से थाइरोइड में आई सूजन (थाइरोइडडिटिस)
  • थाइरोइड ग्रंथि और पीयूष ग्रंथि (पिट्यूटरी) की कैंसरविहीन वृद्धि
  • टीएसएच का असामान्य स्राव
  • थाइरोइड हार्मोन का अधिक मात्रा में सेवन