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osteoarthritis

पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस एक बीमारी है जो चिकने ऊतक को नुकसान पहुंचाती है जो एक हड्डियों के जोड़ को ढंकती है। हड्डियों को एक साथ रगड़ने से दर्द, सूजन, और जोड़ों की गति के नुकसान का कारण बनता है। समय के साथ, जोड़ अपना सामान्य आकार खो सकते हैं। इस स्थिति हड्डी के जोड़ के किनारों पर बढ़ने का कारण बन सकती है। हड्डी या जोड़ के टिश्यू टूट सकते हैं और जोड़ के बीच में फ्लोट कर सकते हैं, जिससे अधिक दर्द और क्षति हो सकती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस किसी भी शरीर के जोड़ में हो सकता है। यह हाथों, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी में अक्सर होता है। चेतावनी के संकेत हैं:

  • बिस्तर से बाहर निकलने या लंबे समय तक बैठने के बाद किसी जोड़ में कठोरता।
  • एक या अधिक जोड़ों में सूजन या कोमलता
  • हड्डी पर हड्डी के रगड़ने की आवाज को महसूस करना।

परहेज और आहार

लेने योग्य आहार

  • कैल्शियम युक्त डेरी उत्पाद ओस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं, जिनमें कम या बगैर वसा का दूध, पनीर और दही आते हैं
  • विटामिन C से समृद्ध आहार जैसे खट्टे फल, स्ट्रॉबेरी, मिर्च, कीवी, केंटेलूप, हरी-पत्तेदार सब्जियाँ, फूलगोभी, टमाटर, आलू, और अन्नानास।
  • बीटा-कैरोटीन युक्त आहार जैसे लाल, पीले और नारंगी रंग के फल और सब्जियाँ (कद्दू, कन्टेलूप, मिर्च, गाजर) और कई हरी-पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, केल, रोमेन लेट्यूस)।
  • आहार जैसे कि शक्ति युक्त दूध और दलिया, अंडे, ट्यूना, और मछली के लिवर का तेल ये सभी शरीर की विटामिन D की जरूरत पूरी करते हैं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड से समृद्ध आहार जैसे ठन्डे-पानी की मछली (सैलमन, ट्यूना, और सारडाईन), पेकन, अखरोट, सोया आहार (टोफू, सोयाबीन तेल) जैतून और केनोला तेल, अलसी और अलसी का तेल।

इनसे परहेज करें

  • रिफाइंड और प्रोसेस्ड आहार
  • शक्कर युक्त उत्पादों का सीमित प्रयोग।
  • वसा युक्त आहारों जैसे तले और तैलीय आहार, रेड मीट, पेस्ट्रीज, और मिठाइयों से परहेज।
  • नमक का उपयोग सीमित करें।

योग और व्यायाम

  • नियमित व्यायाम मांसपेशियों को शक्ति देता है और लचीलापन और संतुलन बढ़ाता है। यह सिर्फ दर्द और जकड़न को ही कम नहीं करता बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य सुधारता है।
  • लचीले व्यायाम जोड़ों का उपयोग बढ़ाने, जकड़न को कम करने, और जोड़ों के आस पास के ऊतकों को सख्त होने से रोकते हैं।
  • माँसपेशियों को शक्तिशाली बनाकर आप प्रभावित जोड़ों को सुरक्षा और सहायता देते हैं, और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।
  • कम जोर डालने वाले एरोबिक व्यायाम जैसे साइकिल चलाना, पैदल चलना, तैरना आदि किये जा सकते हैं।
  • जोड़ों पर अधिक जोर डालने वाली गतिविथियाँ जैसे वो दौड़ और खेल जिनमें कूदना, तेजी से मुड़ना, या एकाएक रुकना शामिल हो जैसे टेनिस और बास्केटबॉल न खेलें।

घरेलू उपाय (उपचार)

  • उचित वजन बनाये रखें।
  • आयु के अनुसार नियमित व्यायाम किया जाये।
  • जोड़ों पर अत्यधिक जोर डालने वाली गतिविधियों से बचें।
  • ठंडी और गर्म चिकित्सा जैसे कि गर्म सिंकाई, ठन्डे पेक्स, बर्फ की मालिश आदि दर्द और सूजन को कम करते हैं।
  • दर्द वाले जोड़ पर जोर कम करें या आराम करें।