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जाने, पीरियड्स से जुड़े यह भ्रम और सच

महिलाओं में मासिक धर्म (पीरियड्स) शरीर में होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है जो एक निश्चित अन्तराल के बाद स्वाभावि रूप से होती है। लेकिन इसके बारे में कई तरह के भ्रम समाज में प्रचलित हैं और आज भी इस विषय पर खुलकर बात नहीं होती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि स्त्रियों को पीरियड्स के दौरान सेक्स की इच्छा अधिक होती है। पीरियड्स के दौरान कुछ ऐसे हार्मोन्स बनते हैं जो उन्हें उत्तेजित करने लगते हैं। लेकिन पीरियड्स की वजह से वह सेक्स करने से घबराती है। लड़कियों को ही नहीं लड़कों के मन में यह डर बना रहता है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स हानि पहुंचा सकता है। लेकिन असर में यह बात बिल्कुल गलत है। सर्वे के अनुसार ऐसा कोई भी प्रमाण नहीं मिलता है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से स्त्री-पुरूष को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या आती हो।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीरियड्स के दौरान भी आप सेक्स कर सकते हैं वो भी बिना किसी परेशानी के। चिकित्सक भी इस पर मनाही नहीं करते कि पीरियड्स के दौरान सेक्स नहीं करना चाहिए। आइये हम आपको पीरियड्स से जुड़े कुछ मिथक और तथ्य के बारे मे बताते हैं-

अगर आप भी पीरियड्स के चलतें सेक्स करना चाहते हैं तो आपको विशेष रूप से इन बातों का ध्यान रखना होगा कि महिला को योनि से जुडी से कोई समस्या तो नहीं है, आप एचआईवी से ग्रसित ना हों या फिर ब्लीडिंग ज्यादा ना हो। इससे संबंधित कोई भी बीमारी अगर आपको नहीं है तो आप सेक्स कर सकते हैं।

अगर आप पीरियड के दौरान सेक्स करना चाहते हैं तो इन बातों को ध्यान में रखना आपके लिए बहुत ही जरूरी है। पीरियड्स के दौरान सेक्स करना आम दिनों के मुकाबले सेक्स करना बहुत अलग हो सकता है। ऐसे में आपको कुछ ज्यादा ही ध्यान देने की आवश्यकता है।

बहुत से लोग ये मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान गर्भधारण नहीं किया जा सकता। इस दौरान गर्भधारण करना थोड़ा मुश्किल तो हो सकता है लेकिन असंभव नहीं।

अधिकतर लोगों का यह मानना हैं कि पीरियड्स के दौरान पानी या स्विमिंग करना नुकसान पहुंचा सकता है। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। आप स्विमिंग के दौरान टैम्पॉन का ही उपयोग करें क्योंकि यह अपनी जगह स्थिर रहता है। किसी भी घाव या मासिक धर्म में होने वाले रक्त स्राव को सोख लेता है। इसका उपयोग व्यायाम या खेल के दौरान भी कर सकते हैं।

आज के टेक्नोलॉजी युग में भी बहुत से लोगों के मन में यह गलत धारणा बनी हुई है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ, व्रत, धार्मिक कार्य आदि से दूर रहना चाहिए। क्योंकि पीरियड्स के दौरान महिलाऐं अशुद्ध होती है। अफसोस की बात यह है आज के समय में भी लोग यह गलत सोच रखते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। मंदिर जाने या पूजा, व्रत आदि करने में कोई बुराई नहीं है। हमें अपनी सोच को बदलना होगा और महिलाओं को पूरा मान-सम्मान देना चाहिए और पूजा-पाठ, व्रत, धार्मिक कार्य में प्रोत्साहन देना चाहिए क्योंकि इसमें कोई बुराई वाली बात नहीं है।

बहुत से मानते हैं कि पीरियड्स चक्र 28 दिनों का होता है लेकिन यह सत्य नहीं है अधिकतर महिलाओं में यह 28 दिन के अंतराल पर होते हैं लेकिन कभी-कभी यह 24 से 35 दिन के अंतराल पर भी होने लगते हैं जो आम बात है, इस तरह की समस्या कोई समस्या नहीं है।

ज्यादातर लोगों के मन में यह डर लगा रहता है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स नहीं कर सकते लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है। पीरियड्स में सेक्स करने में कोई दिक्कत नहीं है। अधिकतर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अधिक उत्तेजना होती है। ध्यान रखें पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से पहले कंडोम का इस्तेमाल ज़रूर करें।

व्यायाम को लेकर भी लोगों की सोच यह कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं व्यायाम न करें क्योंकि इस दौरान महिलाओं को चोट लगने की सम्भावना रहती है या कोई घटना घटित हो सकती है। जबकि ऐसा नहीं है। पीरियड्स के समय यदि आप थोड़ा बहुत व्यायाम करती हैं तो पीएमएस (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोमः PMS) से आसानी से निपटने में मदद मिल सकती है।

पीरियड्स के दौरान यौन अंगों की विशेष रूप से सफाई रखें और पीरियड्स को लेकर गलत बातों पर ध्यान न दें और अपने निजी डॉक्टर्स से सलाह जरूर लेते रहें तभी आप बेहतर सेक्स कर सकेंगे।

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