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sinusitis

अगर आप साइनस की समस्या से पीड़ित है तो इसका मतलब यह है की आपके शरीर में पानी की कमी है। आपको जल्दी ही इसे दूर करना होगा, वरना आपके सामने एक खतरनाक स्थिति होगी। इसके लिए आपको पर्याप्त पानी रोज पीना चाहिए नहीं, तो एक बड़ी मुसीबत हो सकती है। साथ ही साथ साँस लेने की मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

आइए साइनस के उपचार के बारे में विस्तार से जानें.

1. अजवायन
साइनाइटिस के उपचार में अजवायन की भूमिका काफी सकारात्मक है. साइनसाइटिस के उपचार के लिए आजवाइन काफी अच्छा है क्योंकि यह अपने रोगाणुरोधी गुणों के कारण उन कीटाणुओं को मारने का काम करता है जो इस बीमारी का कारण हैं. अजवायन की पत्तियों का तेल अपने आहार में भी शामिल करके आप इस बीमारी से दूर रह सकते हैं. आप इसे चाय में इसकी 2-3 बूँदें मिलाकर भी उपयोग कर सकते हैं.
2. टमाटर का रस
टमाटर का रस बलगम की परत को पतला करके नाक की रुकावट को कम करने का काम करता है. इसमें पाया जाने वाला विटामिन ए साइनस के सूजन को कम करके सूजन को ठंडा करने में सहायक है. इसके लिए आप टमाटर के रस में एक चम्मच नींबू और नमक को मिलाकर उबालकर इसे कुछ समय के लिए ठंडा करके पी लें.
3. तिल का तेल
यह एक अद्भुत तेल है जिसका उपयोग न सिर्फ बालों को सुंदर बनाने में बल्कि स्वास्थ्य विकारों में भी मदद करता है. साइनसाइटिस के उपचार में भी तिल के तेल की भूमिका बहुत प्रभावी है. आप अपनी दोनों नासिका छिद्रों में तिल के तेल की 2-4 बूँदें डालें. इससे आपको बंद नाक को खोलने और साइनस को कम करने में मदद मिलेगी.

4. सेब का सिरका
आप गर्म पानी के एक गिलास में सेब के सिरके के दो बड़े चम्मच मिलाकर अपने लिए एक पेय पदार्थ तैयार कर सकते हैं. आप इसको दिन में 2-3 बार ले सकते हैं. इससे आपको काफी राहत महसूस होगा.

5. प्याज
प्याज का उपयोग हम नासिका मार्ग को साफ करने में करते हैं. यह उन बैजीवाणुओं को नष्ट करने में मदद करती है जो साइनस संक्रमण के कारण उत्पन्न होते हैं. एक प्याज को काट कर 10 मिनट के लिए उबलते पानी में डालें. उसके बाद आप एक तौलिए के साथ अपने सिर को ढक कर भाप ले सकते हैं.

6. पुदीने का तेल
एक बड़ा कटोरा लें, उसमें गर्म पानी डालें और पुदीने के तेल की 5-6 बूँदें मिलाएँ. अपने सिर को नीचे इस कटोरे के ऊपर झुकाएँ और एक तौलिया का उपयोग कर इसे ढकें और भाप लें. यह अतिरिक्त बलगम की परत को पतला करने में मदद करेगा.