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शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) चिंता का विषय क्यों बनता है?

स्खलन का अर्थ है लिंग के माध्यम से शरीर से वीर्य का स्राव होना। शीघ्र स्खलन या शीघ्रपतन (प्रिमेच्यूर ईजॅक्युलेशन या पीई) वह स्थिति है जिसमें किसी पुरुष का सेक्स के दौरान उसके साथी की तुलना में शीघ्र ही स्खलन हो जाता हैप् कभी-कभी शीघ्र स्खलन को तेजी से स्खलन, समय से पहले चरमोत्कर्ष या जल्दी स्खलन के रूप में भी जाना जाता है। सामान्यतः पीई चिंता का कारण नहीं है। लेकिन अगर यह सेक्स को कम आनंददायक बनाता है और आपके साथी के साथ रिश्तों पर प्रभाव डालता है तो यह निराशाजनक हो सकता है। ऐसा अक्सर होता है और समस्याएं बढ़ती जाती हैं क्योंकि आपके साथी की सेक्स संतुष्टि एक स्वस्थ और खुशनुमा जीवन के लिए आवश्यक हैं। 30 प्रतिशत से अधिक पुरुष कभी न कभी समय से पहले स्खलन से पीड़ित हुए है। यह व्यक्ति के आत्मसम्मान को प्रभावित करता है और पार्टनर को असंतुष्ट छोड़ देता है। इस समस्या को अक्सर मनोवैज्ञानिक माना जाता है, लेकिन कुछ बायोलॉजिकल कारक भी हो सकते है।

समय से पहले शीघ्रपतन (एजैक्युलेशन या वीर्य का निकलना) काफी मर्द अपने जीवन में अनुभव करते हैं। यह ज़्यादातर उन मर्दों के साथ होता है जिनकी आयु 30 वर्ष से कम है और इसके फलस्वरूप काफी लोगों के सम्बन्ध और विवाह प्रभावित होते हैं। इस समस्या से ग्रस्त मनुष्य काफी परेशान हो जाता है और कई बार वह कुछ ऐसा भी कर जाता है जो उसे नहीं करना चाहिए। पर यह आपके जीवन का अंत नहीं है। आपको समझना चाहिए कि यह समस्या काफी सामान्य है और इसका सामना करने वाले आप अकेले नहीं हैं। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे कि समय से पहले होने वाला शीघ्रपतन (एजैक्युलेशन) रोका जा सकता है। लेकिन यह प्रक्रिया धीरे धीरे काम करती है और जल्दी परिणामों की आशा ना करें। इस समस्या से निपटने में आपके साथी की भूमिका भी अहम होती है। उसे ही आपकी समस्या के बारे में आपको जागरूक करना चाहिए, तभी आपके बीच के सेक्स सम्बन्ध अच्छे होंगे।

मर्द सेक्स (Sex) से जुड़ी कई समस्याओं का शिकार होते हैं, तथा समय से पहले शीघ्रपतन (वीर्य का निकल जाना) एक ऐसी समस्या है जो उन्हें काफी परेशान करती है। वे अपनी साथी को संतुष्ट करना चाहते हैं जिससे कि उसे भी सेक्स की प्रक्रिया में आनंद आए। परन्तु कई मर्द अपनी साथी के चरमसीमा (climax) तक पहुँचने से पूर्व ही स्खलित (ejaculate) हो जाते हैं। आपको अपनी इन समस्याओं के बारे में अपनी साथी तथा डॉक्टर से बात करने में हिचकना नहीं चाहिए। आमतौर पर यह समयसा उम्रदराज लोगों में देखी जाती है, परन्तु आजकल जवान लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। परन्तु चिंता ना करें ऐसे कई तरीके हैं जिन्हें अपनाकर आप समय से पहले वीर्यस्राव रोक सकते हैं।

शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) का परीक्षण –

आपके यौन जीवन के बारे में पूछने के अलावा, आपका डॉक्टर आपके स्वास्थ्य के इतिहास के बारे में पूछेगा और शारीरिक परिक्षण भी कर सकता है। यदि आपको समय से पहले स्खलन और उत्तेजना लाने या बनाए रखने दोनों में समस्या है, तो आपका डॉक्टर आपके पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) के स्तर की जांच के लिए रक्त परीक्षण या अन्य परीक्षण कर सकता है। कुछ मामलों में, आपका चिकित्सक सुझाव दे सकता है कि आप मूत्र रोग विशेषज्ञ या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाएँ, जो यौन रोग के विशेषज्ञ भी हो।

शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) के प्रकार –

  1. लाइफलांग (प्राथमिक) शीघ्र स्खलन- इस प्रकार का शीघ्र स्खलन आपके जीवन के पहले यौनिक संपर्क से लेकर जीवनभर या लगभग हमेशा होता है।
  2. 2-अर्जित (माध्यमिक) शीघ्र स्खलनः- आपको बिना किसी समस्या के पूर्व यौन अनुभव के बाद अगर शीघ्र स्खलन की समस्या होती है तो उसे अर्जित या अक्वायर्ड शीघ्र स्खलन कहते हैं।
शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) के लक्षण –

शीघ्र स्खलन के निम्नलिखित प्रमुख लक्षण हैं :-

  1. एक तेज उत्तेजना, स्तंभन और स्खलन प्रक्रिया।
  2. स्खलन आमतौर पर उत्तेजना के कुछ सेकंड या मिनट के भीतर हो जाता है।

हालांकि, सभी यौन स्थितियों में शीघ्र स्खलन की समस्या हो सकती है, हस्तमैथुन के दौरान भी। बहुत से पुरुषों का मानना है कि उनको समयपूर्व स्खलन के लक्षण हैं, लेकिन वे लक्षण समयपूर्व स्खलन के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। इसके बजाय इन पुरुषों को प्राकृतिक परिवर्तन वाला समयपूर्व स्खलन हो सकता है, जिसमें तीव्र स्खलन के साथ-साथ सामान्य स्खलन की अवधि भी शामिल है।

शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) के कारण –

समय से पहले स्खलन का सही कारण ज्ञात नहीं है। हालांकि यह पहले केवल मनोवैज्ञानिक माना जाता था, पर अब डॉक्टरों को पता है कि समय से पहले स्खलन में मनोवैज्ञानिक और जैविक कारकों का जटिल संपर्क शामिल है।

मनोवैज्ञानिक कारण

    प्रारंभिक यौन अनुभव।

  1. यौन शोषण।
  2. अपने शरीर के रूप के प्रति नाकारात्मक छवि।
  3. डिप्रेशन
  4. समय से पहले स्खलन के बारे में चिंता करना।
  5. दोषी होने की भावनाएं जो यौन संपर्क के माध्यम से भागने की आपकी प्रवृत्ति को बढ़ाती हैं।
  6. जिन पुरुषों को स्तंभन दोष हैं, उनमें जल्दी स्खलन हो सकता हैं, जो कि बदलना मुश्किल हो सकता है। चूंकि स्खलन के बाद उत्तेजना दूर हो जाती है इसलिए यह जानना मुश्किल हो सकता है कि समस्या पीई है या स्तंभन दोष (ईडी)। ईडी का पहले इलाज किया जाना चाहिए। एक बार ईडी का इलाज होने के बाद शीघ्र स्खलन समस्या नहीं रहेगा।
  7. शीघ्र स्खलन का कारण कई लोगो में चिंता की समस्याएं भी हो सकता है, विशेष रूप से यौन प्रदर्शन या अन्य मुद्दों से संबंधित चिंता।
  8. रिश्ते संबंधी समस्याएं भी शीघ्र स्खलन का कारण हो सकती हैं।

बायोलॉजिकल कारण

  1. थायरॉयड ग्रंथि या शरीर में यौन हार्मोन के असामान्य स्तर के साथ हार्मोनल समस्याएं।
  2. मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर के साथ समस्याएं, जिससे मस्तिष्क के आनंद केंद्रों को सही संकेत देने में विफल हो जाते हैं।
  3. आपकी स्खलन प्रणाली के प्रतिवर्त (रिफ्लेक्स) तंत्र के साथ समस्याएं।
  4. मूत्रमार्ग या प्रोस्टेट में संक्रमण।
  5. आनुवंशिकता।
  6. सर्जरी या मानसिक आघात के कारण तंत्रिका या संवेदी प्रणाली में क्षति।

शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) से बचाव –

शीघ्र स्खलन से बचने के लिए अन्य यौन सुखों पर ध्यान दें। इससे चिंता कम हो सकती है और आपको स्खलन पर बेहतर नियंत्रण प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। स्खलन रिफ्लेक्स (शरीर का एक स्वतः रिफ्लेक्स, जिसके दौरान स्खलन होता है) को रोकने के लिए एक गहरी सांस लें। अपने साथी के साथ सेक्स करते हुए उसे ऊपर रहने को कहें (जब आप स्खलन के करीब हो तो वो दूर हट सके)। सेक्स के दौरान रुके और कुछ उबाऊ चीज के बारे में सोचे। गुप्तांगों की लम्बाई बढ़ाने हेतु कुछ व्यायाम। यह एक काफी पुरानी विधि है जिसकी मदद से शीघ्रपतन (प्रीमैच्योर एजैक्युलेशन) रोका जा सकता है। लेकिन इस प्रक्रिया को अपनाते समय आपको अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना होगा। इनमें से कुछ नीचे दिए हुए हैं। प्रेसेर्वटिव युक्त या चीनी से युक्त भोजन ग्रहण ना करें। शराब, धूम्रपान और अन्य ड्रग्स से दूर रहें। कैफीन युक्त पदार्थों, खासकर कॉफ़ी का सेवन ना करें। काफी मात्रा में फल और हरी सब्ज़ियाँ खाने की आदत डालें। क्योंकि मिनरल्स शीघ्रपतन (प्रीमैच्योर एजैक्युलेशन) रोकने में काफी अहम भूमिका निभाते हैं, अतः मछली तथा अन्य मिनरल युक्त भोजनों को अपने खानपान में शामिल करें।

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